2122 2122 2122
इस शराफत आईने में
ये हमारी सोच की नई फ़स्ल देखिये
लाशें-ज़िंदा, बेजुबान सी नस्ल देखिये
जब सुराग मिला नहीं,मुमकिन तलाश में
अब मिसाल के तौर तर्जे-क़त्ल देखिये
हम जुदा तस्वीर हैं नामें- वफा आजकल
इस शराफत आईने में शक्ल देखिये
गो नहीं होता मदारी खेल आजकल
इंतिखाब घड़ी गरीबो से वस्ल देखिये
यार मेरे दे वजीफो में दुवाये
साथ गुरबत पास हो ये अक्ल देखिये
सुशील यादव ,दुर्ग (छ.ग.)
इस शराफत आईने में
ये हमारी सोच की नई फ़स्ल देखिये
लाशें-ज़िंदा, बेजुबान सी नस्ल देखिये
जब सुराग मिला नहीं,मुमकिन तलाश में
अब मिसाल के तौर तर्जे-क़त्ल देखिये
हम जुदा तस्वीर हैं नामें- वफा आजकल
इस शराफत आईने में शक्ल देखिये
गो नहीं होता मदारी खेल आजकल
इंतिखाब घड़ी गरीबो से वस्ल देखिये
यार मेरे दे वजीफो में दुवाये
साथ गुरबत पास हो ये अक्ल देखिये
सुशील यादव ,दुर्ग (छ.ग.)
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