११ फे
देने को पास तेरे खैरात नहीं है
या लेने की मेरी औकात नहीं है
मैं समुन्दर हूँ खंगाल मुझे लो जी से
अभी किसी ने की शुरुआत नहीं है
22१२ 2212 २१22
मैं आइना तुझे टूट कर चाहता हूँ
कुछ बोलता नही रूठ कर चाहता हूँ
है कफस में मेरी यहां जिंदगी भी
'पर'खोल दो अभी छूट कर चाहता हूँ
@@
तुझपे थोड़ा सितम कर लेंगे
अपना दुःख यूँ कम कर लेंगे
बिगड़ेगी अपनी बात कभी
टोना समझ वहम कर लेंगे
हासिल ना हो सुविधा हमको
जरूरत में संयम कर लेंगे
आज तसल्ली देने वालो
खुश होने का भ्रम कर लेंगे
तंज कसे हो हम पर कितने
जहर 'सुशील 'हजम कर लेंगे
देने को पास तेरे खैरात नहीं है
या लेने की मेरी औकात नहीं है
मैं समुन्दर हूँ खंगाल मुझे लो जी से
अभी किसी ने की शुरुआत नहीं है
22१२ 2212 २१22
मैं आइना तुझे टूट कर चाहता हूँ
कुछ बोलता नही रूठ कर चाहता हूँ
है कफस में मेरी यहां जिंदगी भी
'पर'खोल दो अभी छूट कर चाहता हूँ
@@
तुझपे थोड़ा सितम कर लेंगे
अपना दुःख यूँ कम कर लेंगे
बिगड़ेगी अपनी बात कभी
टोना समझ वहम कर लेंगे
हासिल ना हो सुविधा हमको
जरूरत में संयम कर लेंगे
आज तसल्ली देने वालो
खुश होने का भ्रम कर लेंगे
तंज कसे हो हम पर कितने
जहर 'सुशील 'हजम कर लेंगे
Comments
Post a Comment