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मंदिर द्वारे छोड़ के ,भटक रहा है राम
मन थोड़े विश्वास का,अलख जगा गुमनाम
##
मन आपा मत खोइये,स्तिथि चाहे विपरीत
राम-रसायन घोल के , सुनो प्रेम संगीत
इस जीवन में आपको,मिले खुशी भंडार
पुरखों के तारक बने,प्रेम सजग व्यवहार
##
गोदान नहीं तो नहीं,वैतरणी हो पार
कुछ पुराण से सीख ले,बहुत हुआ व्यापार
##
प्रतिपल मेरे नाम का ,जपता माला कौन
मार-काट हिंसा सदा ,वो ही रहता मौन
##
बाढ़ यहां देखो ज़रा,कितने साधन हीन
पानी पानी ढूढते,नीचे पैर जमीन
##
मकसद कब पूरा हुआ ,रहे अधूरे काम
सुख की मिलती छाँव तो,लेता मन विश्राम
मोरो बर लातेस ....
रखिया ला झन तोड़, रखियान दे न जी
मनखे हस तेड़गा , सोझियान दे न जी
#
देख लेतेव ,चार-धाम कहु दिन
सुरता झमाझम,आन दे न जी
#
ताते-तात खाथन ,लोगन ले डर के
मया के चीला, बसियान दे न जी
#
काखर करन, हिजगा अउ पारी
बने सुरसा के पेट,अघान दे न जी
#
मोरो बर लातेस ,फबे असन चूरी
बहुरिया सरीखे, लजान दे न जी
#
सुशील यादव
2212 2212 1 212 22
मेरा किसी से जब मुकाबला नहीं होता
सो आप ही आगे कहीं मैं निकल जाता हूँ
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मंदिर द्वारे छोड़ के ,भटक रहा है राम
मन थोड़े विश्वास का,अलख जगा गुमनाम
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मन आपा मत खोइये,स्तिथि चाहे विपरीत
राम-रसायन घोल के , सुनो प्रेम संगीत
इस जीवन में आपको,मिले खुशी भंडार
पुरखों के तारक बने,प्रेम सजग व्यवहार
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गोदान नहीं तो नहीं,वैतरणी हो पार
कुछ पुराण से सीख ले,बहुत हुआ व्यापार
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प्रतिपल मेरे नाम का ,जपता माला कौन
मार-काट हिंसा सदा ,वो ही रहता मौन
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बाढ़ यहां देखो ज़रा,कितने साधन हीन
पानी पानी ढूढते,नीचे पैर जमीन
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मकसद कब पूरा हुआ ,रहे अधूरे काम
सुख की मिलती छाँव तो,लेता मन विश्राम
मोरो बर लातेस ....
रखिया ला झन तोड़, रखियान दे न जी
मनखे हस तेड़गा , सोझियान दे न जी
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देख लेतेव ,चार-धाम कहु दिन
सुरता झमाझम,आन दे न जी
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ताते-तात खाथन ,लोगन ले डर के
मया के चीला, बसियान दे न जी
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काखर करन, हिजगा अउ पारी
बने सुरसा के पेट,अघान दे न जी
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मोरो बर लातेस ,फबे असन चूरी
बहुरिया सरीखे, लजान दे न जी
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सुशील यादव
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मेरा किसी से जब मुकाबला नहीं होता
सो आप ही आगे कहीं मैं निकल जाता हूँ
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